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तिलक नगर इलाके में 88 लोगों के ATM से निकाले 19 लाख, केस दर्ज

तिलक नगर इलाके में 88 लोगों के ATM से निकाले 19 लाख, केस दर्ज

तिलक नगर इलाके में 88 लोगों के ATM से निकाले 19 लाख, केस दर्ज

नई दिल्ली
वेस्ट डिस्ट्रिक्ट का 1 थाना, 10 दिन में 88 शिकायती और इनके ATM कार्ड से उड़े हैं 19 लाख रुपये, जिसे दिल्ली की इस तरह की सबसे बड़ी ठगी बताया जा रहा है। पुलिस धोखाधड़ी का केस दर्ज कर साइबर एक्सपर्ट की मदद से जांच कर रही है।

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मामला तिलक नगर थाने का है। जब गौरव सेठी ने वहां शिकायत दी कि ATM कार्ड उनके पास था, लेकिन खाते से 50 हजार निकल गए, तो पुलिस भी हैरान रह गई। गौरव से पहले इसी थाने में 10 दिन में ऐसी ही शिकायत लेकर 87 लोग आ चुके थे। सभी केस में पीड़ितों ने ऐसा दावा किया कि उन्होंने ATM कार्ड इस्तेमाल नहीं किया था, कहीं ट्रांजैक्शन नहीं किया, कोई अनजानी कॉल नहीं आई और न किसी को OTP बताया था। सभी को मोबाइल पर मेसेज आने के बाद ठगी का पता चला। किसी के खाते से 20 हजार, किसी से 50 तो किसी से 75 हजार रुपये एक झटके में गायब हो गए। कुल 19 लाख की धोखाधड़ी हुई। खास बात यह है कि ये सभी शिकायती अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड इस्तेमाल करते हैं। पुलिस ने 88 लोगों की साझा शिकायत पर शनिवार को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सकते में बैंक और पुलिस
1 मई से 11 मई के बीच एक साथ 88 लोगों के अकाउंट से तिलक नगर थाना इलाके में 19 लाख की ठगी से बैंक अफसर और पुलिस भी सकते में हैं। आशंका है कि इसके पीछे ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ा कोई बड़ा गैंग काम कर रहा है। पीड़ितों और रकम का आंकड़ा जांच आगे बढ़ने के साथ बढ़ भी सकता है। पुलिस अब पीड़ितों की डिटेल जुटाकर असली मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। कुछ बैंक अफसरों से पुलिस संपर्क कर अनुमानित रकम की जानकारी ले रही हैं।

88 लोगों से धोखाधड़ी
पुलिस अफसरों के मुताबिक, तिलक नगर में 88 लोगों के साथ चीटिंग में आधा दर्जन से अधिक ऐसे लोग हैं, जिनके अकाउंट से 50 हजार की रकम निकाली गई जबकि तीन-चार लोग ऐसे हैं, जिनके अकाउंट से 75-75 हजार रुपये पार कर दिए। कुछ ऐसे हैं, जिनकी रकम 50 हजार से 75 हजार के बीच निकली है। सबसे ज्यादा तादाद उन बैंक अकाउंट होल्डरों की है, जिनके 15 से 50 हजार के बीच निकाल लिए गए। इनमें 20 हजार, 40 हजार, 35 हजार रुपये वाले शामिल हैं। अब सवाल उठता है कि एक ही थाना एरिया में 10 दिन के भीतर 88 लोगों के बैंक अकाउंट में आखिर कैसे सेंध लगा दी गई।

एक ही मॉडस ऑपरेंडी
अधिकतर पीड़ितों के साथ एक ही मॉडस ऑपरेंडी के तहत ठगी की गई है। कुल मिलाकर करीब 19 लाख की ठगी में तिलक नगर पुलिस ने एक ही तहरीर पर 88 लोगों की जॉइंट कंप्लेंट पर केस दर्ज की गई है। दरअसल, हर दिन साइबर क्राइम के केस सामने आ रहे हैं। खासकर डेबिट और क्रेडिट कार्ड रखने वाले लोग झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई चंद सेकंड में गंवा रहे हैं।

एटीएम/ डेबिट कार्ड को हैकर्स से बचाएं
ऑनलाइन शॉपिंग या फिर बिल पेमेंट के दौरान यूजर अपने कार्ड का डेटा वेबसाइट पर डालता है तो उसे हैकर्स आसानी से हैक कर सकते हैं। ऐसे में ध्यान रहे कि कभी भी आप अपने कार्ड की जानकारी किसी भी साइट और अपने फोन में सेव न करें। साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो डेटा स्कीमिंग डिवाइस में अगर यूजर अपना कार्ड स्वाइप करता है तो उनकी पूरी जानकारी कॉपी कर ली जाती है। ऐसे में अगर कभी आपका कार्ड मशीन में फंस जाए या फिर किसी टेक्निकल प्रॉब्लम के चलते एटीएम से पैसे न निकल पाएं, तो एटीएम में खड़े किसी भी शख्स से मदद न लें। वह आपके कार्ड का पिन चुरा सकते हैं। भूलकर भी अपने कार्ड के ऊपर पिन नंबर ना लिखें। पब्लिक प्लेस के वाइ-फाइ से अपने फोन को कनेक्ट करके ऑनलाइन पेमेंट से बचें।

वहीं, मैलवेयर से भी खतरा है। यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो एटीएम के सिस्टम को खराब कर देता है और यूजर का डेटा चुरा लेता है। हैकर्स फेक आईडी के साथ मोबाइल ऑपरेटर के पास जाते हैं और उनसे ड्युप्लिकेट सिम कार्ड जारी कराते हैं। जिससे ऑपरेटर पहली वाली सिम को डीएक्टिवेट कर देते हैं। ऐसा करने से ऑनलाइन लेन-देन के ओटीपी नए सिम पर आते हैं। ऐसे में ध्यान रहे कि कहीं भी आप अपने कार्ड की डिटेल्स सेव न करें।

Original Source Navbharat Times

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